English translation forthcoming. Hindi original below.
खोजो जु के गुरु हरिभावना प्रबीन महा, देह अंत समे बाँधि घंटा सो प्रमानिय। पार्वे प्रभु जब तब बाजि उठे जानो यही. पाये पन बाजी, बड़ी चिता मन आनिय ॥ तन त्याग बेर नहीं हते, फेरि पाछे आये, वाही ठोर पोद़ि देख्यो, आँब पकक्यो मानिये। तोरि, ताके ट्रद किये, बोगों एक जंतु मध्य गयों सो बिलाय. बाजि उठी जग जानिये ॥ ३६६ ॥ ( २३० ) वात्तिक/ तिलक खोजीजी के. श्रीगुरुदेवजी श्रीरामजी के ध्यान भावना में बड़े भक्तिप्रषारवाद दिलक । ६३७ हो प्रवीण थे। देह के त्यागसमय में प्रथम से एक घ ठा बधाकर उन्होंने यह कह रखा था कि जब हम प्रभु के समीोप प्राप्त होंगे, तब यह घंटा आपसे आप बजने लगेगा ॥* तदनंतर आपने शरीर त्याग किया। परन्तु घंठा नहां बजा। सब शिष्यों सेवकों के मन में बड़ी चिता हुई। श्रीखोजीजी, अपने स्वामीजी के तनत्यागसमय न थे; कुछ पीछे आये । सबों ने यह वृत्तान्त सुनाया । तब खोजीजी ने गुरु को खोज निकाला अशथात् जहाँ पड़के गुरुजी ने देहतजा था, आपने वहाँ लेटके देखा कि ऊपर एक बहुत सुन्दर एका हुआ आम का फल लगा है। मन में विचार शिष्य की तो जोग्यताई नीके मन आई, अजू गुर की प्रबल ऐपे नेकु घट क्यों भई। सुनो याकी बात मन बातवति गति” कही. सही ले दिखाई, ओर कथा अति रसमई॥ थे तो प्रश्न पाय चुके प्रथम, प्रसिद्ध, पाले आबयों फल देखि हरि जोग उपजी नहई। इच्छा सो सफल श्याम भक्नबस करी वहीं, रही प्रर पच्छसव विथा उर की! गई || ७०० ॥| ( 0 ) बात्तिक तिलक | इस प्रसंग में शिष्प 'खोजीजी” की अति श्रेष्ठता मन में निश्चय हुई परंत गुरुजी की प्रबलता में किचित् मात्र न्यूनता क्यों हुई इसकी वातों सुनिये कि मन की गति वायु से भी अति चपल” भगवार् ने गीता आदिक ग्रन्थों में, कहा हे; सो आपने प्रत्यक्ष दिखाकर शिष्यों को उपदेश दिया कि मन ऐसा “प्रबल हे इससे सदा सावधान रहना चाहिये। € अन्ते या मतिः सा गतिः” ) ॥ और दूसरी अति स्समयी वार्ता यह है कि 'खोजीजी के गुरुजी ६ शेप ओमक्षरमाल सदौक | तो ध्यानयोग से प्रभु को प्राप्त हो ही चुके थे,” यह प्रसिद्ध है. परंतु पीद्दे पहुत अच्छा फल देख यह प्रभु के अपण योग्य है! यह नवीन इच्छा उत्पन्न हो गई; सो इच्छा सफल करने के लिये भक्वत्सल श्यामसुन्दर अंतयागी ने स्वयं लीला किया किंचित् ही काल में जो यूववे प्रतिज्ञा थी सो प्रणंकर सबके हृदय|का शोकदुःख नाश किया ॥
Hindi text from OCR scan (Khemraj Shrikrishnadas Prakashan, CC0). May contain errors.